पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते
सनातन धर्म रक्षा के दृढ़ संकल्प के साथ श्रेष्ठ भारत निर्माण
लक्ष्य सनातन विस्तार का
राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ सनातन धर्म की सेवा

परिचय

एक कुशल रणनीतिकार, ऊर्जावान और हिन्दुत्व के उत्कृष्ट ध्वजवाहक

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बीजेपी के एक कुशल रणनीतिकार, ऊर्जावान और सनातन धर्म के विस्तार के लिए सतत प्रयासरत राष्ट्रवादी नंदन जैन जी का जन्म 26 नवंबर 1982 को रायपुर में हुआ था।

उनके पिता का नाम स्व. कुंदन लाल जैन और माँ का नाम स्व. वीणा देवी जैन है। उनकी  पत्नी का नाम श्रीमती मधु जैन है। नंदन जैन और मधु जैन जी के  एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटे नाम मुकुल एवं बेटी का नाम प्रज्ञा है। बड़े भाई श्री चंदन जैन जो कि एकल विद्यालय प्रकल्प के प्रदेश सचिव  हैं।  नंदन जैन जी ने प्रारम्भिक शिक्षा रायपुर के देवेन्द्र नगर स्थित बालाजी विद्या मंदिर से प्राप्त की,  उसके पश्चात देशबंधु स्कूल से कक्षा 12 वीं तक की शिक्षा ग्रहण की।

देशभक्ति के भाव, सनातन के विस्तार और समाज में नए आयाम स्थापित करने के लिए राजनीति एक माध्यम है और उस माध्यम से जनसेवा के प्रयास अनवरत जारी रहेंगे।

धर्मसेवा

रायपुर के वीआईपी रोड स्थित भव्य श्रीराम मंदिर को हम सब जिस रूप में देख रहे हैं उस परिकल्पना से निर्माण तक के प्रमुख सूत्रधार नंदन जैन जी हैं। सन 2003 में उन्होंने रायपुर में राम मंदिर की कल्पना की थी तब उनके मन में एक विचार फ्ल्प्लित हुआ था। नंदन जैन जी उस दौर में अयोध्या में एक तंबू के नीचे विराजे श्री रामलला को देखकर भावुक हुए थे। उस दौर में प्रभु श्री राम के अस्तित्व को लेकर खड़े किए जा रहे सवालों से नंदन जैन जी व्यथित थे तब ही उन्होंने निश्चय किया था कि भगवान राम के निहालात और माँ कौशल्या के मायके छत्तीसगढ़ में भव्य और सनातन आस्था के मजबूत केंद्र के रूप में मंदिर की स्थापना करनी चाहिए और इसी दिशा को परिलक्षित करते हुए उन्होंने सन 2003 में रायपुर में एक ट्रस्ट का निर्माण कर रायपुर में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की योजना रची थी।

नंदन जी ने विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों से लड़कर एक दूरगामी सपने को पूरा करने की दिशा में काम करना शुरू किया था। उस दौर में श्रीराम मंदिर का निर्माण कल्पना मात्र प्रतीत हो रहा था। लेकिन मजबूत हौंसलों ने नंदन जैन जी को कभी पीछे मुड़कर देखने नहीं दिया। उस दशक में संघ के विचारों के विस्तार एवं संघ के माध्यम से राष्ट्रसेवा के संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम करते हुए नंदन जैन जी के पिता श्री प्रेमचंद लाल जैन जी ने कहा था कि रायपुर में राम मंदिर निर्माण किया जाना चाहिए और उसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।

लेकिन बहुमत को किसी अन्य रूप में परिवर्तन का सामना करना पड़ा है। एक अनुच्छेद का उपयोग करने जा रहे हैं,

लेकिन बहुमत को किसी अन्य रूप में परिवर्तन का सामना करना पड़ा है। एक अनुच्छेद का उपयोग करने जा रहे हैं,

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